पटना में आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को जनगणना की स्व-गणना प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण पूरा किया। इस दौरान उन्होंने जाति व्यवस्था और जातिगत जनगणना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कई सख्त बयान दिए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि देश में आज भी सामाजिक संरचना कहीं न कहीं वर्ण व्यवस्था पर आधारित है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी विचारधारा से जुड़े दल ही देश को सही दिशा में आगे ले जा सकते हैं। इसी क्रम में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि क्या सरकार अपने वादे के अनुसार जातिगत जनगणना कराने के फैसले पर कायम है या नहीं।
जातिगत पहचान और समाज पर टिप्पणी
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि संसद में बोलते समय अमित शाह को यह समझना चाहिए कि भारतीय समाज केवल जातियों में ही नहीं, बल्कि कई जगहों पर गांव, मोहल्लों और इलाकों के नाम तक जाति आधारित पहचान से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई राज्यों में गांवों के नाम तक जातिसूचक परंपराओं को दर्शाते हैं।
दिल्ली को लेकर दिया बयान
तेजस्वी यादव ने कहा कि यूपी, बिहार और समाजवादी विचारधारा वाले दलों को लेकर टिप्पणी करने से पहले अमित शाह को दिल्ली का दौरा करना चाहिए। उनके अनुसार दिल्ली के कई पॉश इलाकों में बड़ी-बड़ी कोठियों और बंगलों के नामों और नेमप्लेट्स में भी सामाजिक पहचान झलकती है।
उन्होंने कहा कि यह केवल गांवों या ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी और संपन्न इलाकों में भी अलग-अलग सामाजिक पहचानें स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि कुछ वर्ग दूसरों पर टिप्पणी तो करते हैं, लेकिन अपने आसपास की वास्तविकताओं को नजरअंदाज कर देते हैं।