छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अवैध कमीशन मामले में आरोपी अनवर ढेबर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने जमानत की मांग को लेकर याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी करते हुए 3 जून तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इससे पहले 13 मई को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मामले में एक संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क के संकेत मिले हैं, जिसे गंभीरता से देखने की जरूरत है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि सार्वजनिक धन से जुड़े आर्थिक अपराधों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
यह मामला करीब 182 करोड़ रुपये के कथित ओवरटाइम, हॉलिडे पे, बोनस और सर्विस चार्ज से जुड़े घोटाले से संबंधित है। इसके अलावा पिछली सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग में हुए कथित बड़े शराब घोटाले की भी जांच ईडी और ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कुल घोटाले की राशि लगभग 3200 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। इसमें 101.20 करोड़ रुपये का ओवरटाइम भुगतान, 54.46 करोड़ रुपये का हॉलिडे पे, 12.21 करोड़ रुपये का बोनस और 15.11 करोड़ रुपये का सर्विस चार्ज भी संदिग्ध पाया गया है।
इस मामले में कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं। आरोपियों में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, निरंजन दास, आईटीएस अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया समेत 70 से अधिक लोग शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें 28 आबकारी अधिकारी भी हैं।