छत्तीसगढ़: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम सेंवरा में हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने आरोपी स्नेहिल गुप्ता (निवासी मरवाही) को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी।
अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत दोषी माना है। कोर्ट ने प्रत्येक मृतक के लिए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी है। इस तरह कुल 20 वर्ष की सजा निर्धारित की गई है, जो एक के बाद एक (कॉनसेक्यूटिव) रूप से भुगती जाएगी।
कैसे हुआ था हादसा
यह घटना 15 जून 2025 की रात की है। जानकारी के अनुसार, कुछ लोग ग्राम महोरा में आयोजित दशगात्र कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान सेंवरा स्थित श्रीवास किराना दुकान के पास तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने सामने से आ रही मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी थी।
आरोप था कि कार चालक स्नेहिल गुप्ता नशे की हालत में तेज गति से वाहन चला रहा था।
हादसे में भूपेन्द्र सिंह मरावी, रामअवतार उदय, गंगाराम गंधर्व और शानू केवट गंभीर रूप से घायल हुए थे। सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जांच और अदालत की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर विस्तृत जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने पर साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और जांच अधिकारियों की गवाही अदालत में पेश की।
सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने पाया कि आरोपी द्वारा नशे में लापरवाही से वाहन चलाने के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें चार लोगों की जान गई। इसके आधार पर अदालत ने दोषसिद्धि दर्ज करते हुए सजा सुनाई।