छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से सटे साहेबिनकछार इलाके में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सागौन लकड़ी की अवैध तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में सागौन लकड़ी बरामद की है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि सात लोग अभी फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, टीम को लंबे समय से इलाके में अवैध सागौन भंडारण की सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर 5 जून को विद्याधर दास के घर और उसके आसपास दबिश दी गई, जहां से सागौन के कई स्लीपर बरामद हुए। इस पर वन अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इसके बाद 9 जून को टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के निर्देशन में दक्षिण उदंती, उत्तर उदंती, इंदागांव, बफर, कुल्हाड़ीघाट और अरसीकन्हार क्षेत्रों में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान आरोपियों द्वारा सबूत छिपाने की कोशिश भी सामने आई। कहीं लकड़ी तालाब और नदी किनारे दबाई गई, तो कहीं घरों के बाड़ी में गड्ढे बनाकर उसे छिपाया गया। कुछ स्थानों पर तो पूजा स्थलों के पास भी सागौन छिपाने की जानकारी मिली। इन ठिकानों का पता लगाने में स्निफर डॉग स्क्वॉड की अहम भूमिका रही।
कार्रवाई में चार आरोपियों से अवैध सागौन लकड़ी बरामद की गई, जबकि तीन अन्य मामलों में वन्यजीव शिकार से जुड़े संदिग्ध अवशेष मिले हैं। इसके अलावा एक पेट्रोल चालित आरा मशीन, तीन बड़े आरे और सागौन से बना फर्नीचर सेट भी जब्त किया गया है, जिसे अवैध लकड़ी से तैयार किए जाने की आशंका है।
वन विभाग के अनुसार, कुल 4.56 घनमीटर सागौन लकड़ी जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत करीब 6 लाख रुपये आंकी गई है।
फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जांच में ओडिशा से जुड़े अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।