दिल्ली विधानसभा का चार दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ, लेकिन सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। वायु प्रदूषण को लेकर विपक्षी आम आदमी पार्टी के विधायकों ने एलजी के संबोधन के दौरान विरोध जताया, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। हालात बिगड़ने पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को सख्त रुख अपनाना पड़ा और कुछ विधायकों को सदन से बाहर जाने का निर्देश देना पड़ा।
स्पीकर ने आप विधायक कुलदीप कुमार, सोमदत्त और संजीव झा को सदन से निष्कासित करने का आदेश दिया। प्रदूषण को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति के तहत आप विधायक मास्क पहनकर विधानसभा पहुंचे थे। यह शीतकालीन सत्र 8 जनवरी तक प्रस्तावित है, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है।
एलजी बोले- 10 महीनों में लिए गए कई अहम फैसले
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने महात्मा गांधी के सर्वोदय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और डॉ. भीमराव आंबेडकर के समानता के सिद्धांतों को आधार बनाकर पिछले 10 महीनों में कई जनहितकारी निर्णय किए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया है और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कई सुधार किए गए हैं।
एलजी ने यह भी स्वीकार किया कि दिल्ली में प्रदूषण, यमुना की सफाई और सड़कों की स्थिति जैसी पुरानी समस्याएं हैं, जिन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के समाधान में समय लगता है, लेकिन सरकार गंभीरता से काम कर रही है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे।#WATCH | दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा, "विधानसभा सत्र आज से शुरू हो रहा है, और मुझे बहुत खुशी है कि सरकार ने पिछले 10 महीनों में दिल्ली में बहुत काम किया है। कई पुरानी समस्याएं हैं जिनका सरकार सामना कर रही है, लेकिन मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में नतीजे… pic.twitter.com/bANcd1zWZu
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 5, 2026
आप का आरोप- भाजपा प्रदूषण पर चुप
विधानसभा परिसर में आम आदमी पार्टी ने वायु प्रदूषण के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि दिल्ली के लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, लेकिन भाजपा न तो इस मुद्दे पर बात करना चाहती है और न ही ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मास्क पहनकर विरोध जताने की वजह से ही आप विधायकों को सदन से बाहर किया गया।
आतिशी ने कहा कि उपलब्ध आंकड़े दिखाते हैं कि इस साल प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में पराली नहीं जलाई जा रही, तो फिर दिल्ली की हवा इतनी खराब क्यों है। उन्होंने कैग रिपोर्ट का जिक्र करते हुए भाजपा से जवाब मांगा।
“चार महीने से दिल्ली दम घुटने की स्थिति में”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पिछले चार महीनों से दिल्ली के लोग ठीक से सांस नहीं ले पा रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है और बड़े अस्पताल भी हालात को गंभीर बता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक्यूआई मॉनिटरिंग और ग्रैप नियमों को सही तरीके से लागू नहीं कर रही है। मास्क पहनकर आए विधायक दिल्ली की जनता की आवाज बनना चाहते थे।
मुख्यमंत्री ने बताया सत्र को अहम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शीतकालीन सत्र को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सत्र नीतियों और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर गंभीर चर्चा करनी चाहिए ताकि दिल्ली को बेहतर समाधान मिल सके। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपील की कि वे सत्र का उपयोग दिल्ली के हित में करें।
भाजपा का पलटवार
भाजपा नेता करनैल सिंह ने आप विधायकों के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मास्क पहनकर सदन में आना उनकी विफलताओं और कथित भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत जाकर एलजी के अभिभाषण को बाधित करने का प्रयास किया गया, जो पूरी तरह अनुचित है।