नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तिहाड़ जेल और दिल्ली होम गार्ड्स के शीर्ष पदों पर अस्थायी नियुक्तियां की हैं। बीते एक सप्ताह से खाली चल रहे इन पदों पर दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच में तैनात स्पेशल कमिश्नर देवेश चंद्र श्रीवास्तव को तिहाड़ जेल के डायरेक्टर जनरल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि स्पेशल सेल में पदस्थ स्पेशल कमिश्नर अनिल शुक्ला को दिल्ली होम गार्ड्स के डायरेक्टर जनरल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सूत्रों के अनुसार संसद सत्र के चलते मंत्रालय इन दोनों महत्वपूर्ण पदों के लिए स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका था। इसी वजह से फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जैसे ही उपयुक्त आईपीएस अधिकारियों का चयन होगा, यह अस्थायी व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। हालांकि, यह संभावना भी जताई जा रही है कि चयन प्रक्रिया में देरी होने पर इन अधिकारियों को स्थायी रूप से जिम्मेदारी दी जा सकती है।

1995 बैच के आईपीएस अधिकारी देवेश चंद्र श्रीवास्तव लंबे समय से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में कार्यरत हैं और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में उनका अनुभव व्यापक माना जाता है। तिहाड़ जेल के डीजी पद के लिए इससे पहले कानून व्यवस्था प्रभाग में तैनात स्पेशल कमिश्नर रविंद्र सिंह यादव को प्रबल दावेदार माना जा रहा था। इसके अलावा आर्थिक अपराध शाखा की स्पेशल कमिश्नर गरिमा भटनागर और प्रोविजनिंग व वित्त प्रभाग के स्पेशल कमिश्नर राजेश खुराना के नाम भी चर्चा में थे, लेकिन अंतिम चयन इनमें से किसी का नहीं हुआ।

उल्लेखनीय है कि तिहाड़ जेल के डायरेक्टर जनरल का पद प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित माना जाता है। यह पहला मौका है जब पूर्व डीजी के सेवानिवृत्त होने के एक सप्ताह बाद भी नए प्रमुख की स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी। अब तक की परंपरा रही है कि वर्तमान अधिकारी के रिटायरमेंट से पहले ही उनके उत्तराधिकारी की घोषणा कर दी जाती थी।