दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शनिवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) के संचालन और चल रही विस्तार परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय एविएशन हब के रूप में विकसित करना दिल्ली के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में एविएशन अधिकारियों ने एयरपोर्ट की मौजूदा स्थिति, विस्तार कार्यों और आगे की योजनाओं को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। उपराज्यपाल ने पूरी रिपोर्ट को ध्यानपूर्वक समझा और कहा कि यह कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत एविएशन सेक्टर के विजन के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। उन्होंने चल रहे विकास कार्यों की सराहना भी की।
एलजी ने एयरपोर्ट द्वारा अपनाई गई ‘जीरो वेस्ट टू लैंडफिल’ नीति और जल संरक्षण के लिए की जा रही हार्वेस्टिंग व्यवस्था को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और अनुकरणीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी हैं, बल्कि टिकाऊ विकास के नए मानक भी स्थापित करती हैं।
अपने सुझावों में उपराज्यपाल ने कहा कि आईजीआई एयरपोर्ट और एयरोसिटी क्षेत्र की क्षमता का बेहतर उपयोग कर दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन और निवेश का बड़ा केंद्र बनाया जा सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों से इस दिशा में ठोस रणनीति तैयार करने को कहा।
दौरे के दौरान उपराज्यपाल ने फूड कोर्ट में यात्रियों से बातचीत भी की और उनकी सुविधाओं तथा अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्री सुविधा और संतुष्टि किसी भी एयरपोर्ट की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने एयरक्राफ्ट से होने वाले शोर प्रदूषण के मुद्दे पर भी चिंता जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों और स्थानीय नागरिकों के हितों के बीच संतुलन बनाते हुए समाधान निकाला जाए।
उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली को ऐसा एविएशन हब बनाया जाएगा जो वैश्विक स्तर पर न केवल निवेश और व्यापार को आकर्षित करे, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का भी पूरी तरह पालन करे।