नई दिल्ली: राजधानी में नए साल के अवसर पर भी लोगों को हवा की गंभीर गुणवत्ता से राहत नहीं मिलने वाली है। 1 जनवरी को भी वायु प्रदूषण का स्तर उच्चतम श्रेणी में रहने की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पूर्वानुमान के अनुसार, 2 जनवरी तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी रहेगी। इसका सीधा असर सांस संबंधी रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ सकता है।
प्रदूषित हवा से स्वास्थ्य पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि जहरीली हवा के कारण लोगों को आंखों में जलन, लगातार खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बुधवार को हवा की दिशा में बदलाव के बावजूद फिजा बेहद खराब रही। सुबह धुंध और कोहरे ने दृश्यता को घटा दिया, वहीं पूरे दिन आसमान में स्मॉग की मोटी परत दिखाई दी।
एक्यूआई आंकड़े और शहरों की स्थिति
बुधवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 373 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। मंगलवार की तुलना में AQI में 15 अंक की गिरावट आई है। एनसीआर के हिस्सों में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही, जहां AQI 382 रिकॉर्ड किया गया। वहीं, गाजियाबाद में 312, गुरुग्राम में 328 और ग्रेटर नोएडा में 366 AQI दर्ज किया गया। फरीदाबाद की हवा अपेक्षाकृत साफ रही, जहां AQI 221 था।
प्रदूषण के स्रोत:
वाहनों का योगदान: 15.12%
पेरिफेरल उद्योग: 7.63%
आवासीय क्षेत्र: 3.68%
निर्माण गतिविधियां: 2.64%
सड़क की धूल: 1.08%
वायु की गति और प्रदूषक स्तर
CPCB के अनुसार, बुधवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा में 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली। अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर और वेंटिलेशन इंडेक्स 2500 मीटर² प्रति सेकंड रहा। दोपहर तीन बजे हवा में PM10 की मात्रा 294.7 माइक्रोग्राम/घन मीटर और PM2.5 की मात्रा 191 माइक्रोग्राम/घन मीटर दर्ज की गई।
प्रदूषण क्यों बढ़ रहा है?
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि वायु गुणवत्ता खराब होने का मुख्य कारण मौसम की स्थिति है। तापमान में गिरावट और पश्चिमी विक्षोभ के चलते ठंडी हवा जमीन के नजदीक फंस जाती है। इस ठंडी हवा में वाहनों का धुआं और निर्माण की धूल जमा हो जाती है, जिससे प्रदूषण ऊपर नहीं उठ पाता। हवा धीमी होने और बारिश न होने की वजह से यह प्रदूषण वातावरण में लंबे समय तक बना रहता है।
इस स्थिति के कारण राजधानी में सांस लेने योग्य हवा अभी तक नहीं है, और नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।