इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 बच्चों की मौत की खबर के बाद पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में चिंता का माहौल है। मयूर विहार फेस-3, वेस्ट विनोद नगर, मंडावली, लक्ष्मी नगर, शकरपुर, जाफराबाद, मौजपुर, बह्मपुरी, शास्त्री पार्क, भगवानपुर खेड़ा, वेस्ट अंगद नगर, पांडव नगर, राम नगर एक्सटेंशन, जगजीवन नगर और वेस्ट ज्योति नगर जैसी घनी आबादी वाली कॉलोनियों में महीनों से नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि जल बोर्ड को कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अधिकारी और प्रशासन लापरवाह बने हुए हैं।
स्वास्थ्य पर खतरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि दूषित पानी पीने से पेट दर्द, डायरिया और त्वचा संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ गए हैं। डॉक्टरों का भी कहना है कि खराब जल गुणवत्ता छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
स्थानीय लोगों की शिकायतें
भगवानपुर खेड़ा के शिव करण ने कहा, “पानी इतना गंदा है कि उसे उबालकर भी पीने की हिम्मत नहीं होती। कई बार घर के लोग बीमार पड़ जाते हैं, बावजूद इसके जल बोर्ड शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा।”
वेस्ट विनोद नगर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष हीरा रावत ने बताया, “हमारी कॉलोनी की पाइपलाइन लगभग 40 साल पुरानी है। सीवर का पानी और पीने का पानी घरों में मिल जाता है। इंदौर की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। जल बोर्ड को कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।”
बाबरपुर निवासी अमित वर्मा ने कहा, “लोग महीनों से गंदे पानी की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी कोई ध्यान नहीं देते। घरों में पीला और मटमैला पानी आता है, मजबूरन बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है।”
जाफराबाद के डॉक्टर फहीम बेग ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हमारे इलाके में भी गाढ़ा, काला और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। लोगों में बीमारियां बढ़ रही हैं और जल बोर्ड लापरवाह बना हुआ है।”
इस स्थिति ने पूर्वी दिल्ली में इंदौर जैसी तबाही की आशंका पैदा कर दी है। स्थानीय लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।