साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित ‘बड़ी साजिश’ मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 5 जनवरी को अहम फैसला सुनाने जा रहा है। शीर्ष अदालत शरजील इमाम, उमर खालिद समेत अन्य आरोपियों की उन याचिकाओं पर निर्णय देगी, जिनमें दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जमानत से इनकार किए जाने को चुनौती दी गई है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने की थी।
10 दिसंबर को सुरक्षित हुआ था फैसला
इन याचिकाओं के अलावा सुप्रीम कोर्ट गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद की जमानत अर्जियों पर भी अपना फैसला सुनाएगा। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने 10 दिसंबर को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया था। साथ ही अदालत ने दोनों पक्षों को 18 दिसंबर तक अपने-अपने तर्कों के समर्थन में अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश दिया था।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने पक्ष रखा, जबकि आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, सिद्धार्थ दवे, सलमान खुर्शीद और सिद्धार्थ लूथरा ने दलीलें पेश की थीं।
‘मुख्य साजिश’ का आरोप
दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि ये आरोपी फरवरी 2020 में भड़की हिंसा के कथित मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल थे। इस दंगे में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 53 लोगों की जान गई थी, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
यह हिंसा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई थी। आरोपियों ने दिल्ली हाई कोर्ट के 2 सितंबर के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उन्हें ‘बड़ी साजिश’ से जुड़े मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।