हरियाणा के एजेएल विवाद में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पंचकूला स्थित विशेष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अदालत ने सोमवार को दोनों नेताओं को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। अब उनके खिलाफ इस मामले में चल रही कानूनी कार्रवाई पूरी तरह समाप्त हो गई है।

इस प्रकरण में एजेएल जमीन आवंटन और संबंधित प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आरोप लगाए गए थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच की जा रही थी और हुड्डा तथा वोहरा को आरोपी बनाया गया था।

बचाव पक्ष के वकील एसपीएस परमार ने बताया कि अदालत ने सभी तथ्यों और दलीलों का विस्तार से अध्ययन करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने दोनों नेताओं को डिस्चार्ज कर दिया।

परमार ने यह भी बताया कि इससे पहले 25 फरवरी को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद, पंचकूला की ईडी अदालत में दोनों नेताओं की ओर से डिस्चार्ज आवेदन दायर किया गया था। अब अदालत का यह अंतिम फैसला उनके पक्ष में आया है।

इस निर्णय के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मोतीलाल वोहरा की राजनीतिक और कानूनी मुसीबतें इस मामले में समाप्त हो गई हैं।