गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस ने शुक्रवार को 32 माइलस्टोन विस्टास प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर ध्रुवदत्त शर्मा को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोप है कि ध्रुवदत्त शर्मा ने सेक्टर 15 की 32 माइलस्टोन बिल्डिंग की पहली मंजिल का सौदा एक व्यक्ति से ढाई करोड़ रुपये में किया, लेकिन इसके बाद उसी फ्लोर को 25 अन्य लोगों को बेच दिया।
शिकायत और मामला दर्ज
मेसर्स ट्राम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वर्ष 2021 में 32 माइलस्टोन विस्टास प्राइवेट लिमिटेड ने उन्हें रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े प्रोजेक्ट का भरोसा दिलाया और पहली मंजिल पर 3000 वर्ग फुट का फ्लोर बिक्री के लिए प्रस्तावित किया।
दोनों पक्षों ने ढाई करोड़ रुपये में समझौता किया। 21 सितंबर 2021 को भुगतान करने के बावजूद, आरोपित कंपनी ने कनविंस डीड नहीं कराई। शिकायतकर्ता ने अक्टूबर 2023 में नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
फ्लोर को 25 हिस्सों में बेचने का मामला
जांच में पता चला कि 2022 से 2023 के बीच आरोपी ने पहली मंजिल का फ्लोर 25 अन्य व्यक्तियों के नाम पर बेच दिया। इसके बाद सभी 25 व्यक्तियों से फ्लोर को अपनी फर्म ग्रोथ हास्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर 30 साल के लिए लीज पर लेकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तारी और पूछताछ
आर्थिक अपराध शाखा द्वितीय की टीम ने ध्रुवदत्त शर्मा को गोल्फ कोर्स रोड से गिरफ्तार किया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर अन्य कथित शामिल लोगों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।