चंडीगढ़: हरियाणा में विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देने वाले 11 वैज्ञानिकों को हरियाणा विज्ञान रत्न और युवा विज्ञान रत्न पुरस्कार से नवाजा गया। यह समारोह शनिवार को हरियाणा लोकभवन में आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने वर्ष 2022, 2023 और 2024 के उत्कृष्ट वैज्ञानिकों को सम्मानित किया।
पुरस्कार विजेता
विज्ञान रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए:
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डॉ. अरविंद कुमार (CSIR भावनगर) – 2022
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डॉ. राजकुमार (पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय, बठिंडा) – 2022
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डॉ. सुदेश कौर खंडूजा (IISER मोहाली/एमेरिटस पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) – 2023
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डॉ. दीपक थंकप्पन नायर (क्षेत्रीय जैव प्रौद्योगिकी केंद्र, फरीदाबाद) – 2024
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डॉ. अनिर्बान बासू (राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र, मानेसर) – 2024
युवा विज्ञान रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए:
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डॉ. विनीत वशिष्ट (IIT गांधीनगर) – 2022
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डॉ. विकास (डी वाडिया हिमालयन भूविज्ञान संस्थान, देहरादून) – 2022
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डॉ. परमवीर सिंह (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अगरतला) – 2023
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डॉ. चिराग जैन (भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु) – 2023
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डॉ. जोगेन्द्र सिंह (IISER मोहाली) – 2024
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डॉ. स्वाति सिंह (एलवी प्रसाद नेत्र संस्थान, हैदराबाद) – 2024
राज्यपाल का संदेश
कार्यक्रम में संबोधन देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह सम्मान केवल समारोह नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार और विज्ञान की शक्ति में विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नई चुनौतियां लेकर आई है, जैसे सतत कृषि, जैव प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन। विज्ञान और प्रौद्योगिकी को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखने और इसे आम जीवन में लाने पर जोर दिया गया।
शिक्षा मंत्री की टिप्पणी
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लक्ष्य में वैज्ञानिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। उन्होंने अंबाला में बनने वाले आर्यभट्ट विज्ञान केंद्र और कुरुक्षेत्र में कल्पना चावला मेमोरियल प्लैनेटेरियम के आधुनिकीकरण का उल्लेख किया।
ढांडा ने बताया कि कल्पना चावला छात्रवृत्ति योजना के तहत अभियांत्रिकी विषयों में छात्राओं को हर साल 1 लाख रुपये तक की 250 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी, जबकि विज्ञान रत्न पुरस्कार के तहत 5 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाती है।