रोहतक। पुलिस ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कपिल राठी की कोर्ट में 17 पेज की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें दिवंगत आईजीपी वाई पूरन कुमार के सहयोगी इएएसआई सुशील कुमार पर शराब ठेकेदार से 2.5 लाख रुपये की मंथली रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा रिकॉर्ड की गई आवाज़ और सुशील कुमार के वॉयस सैंपल का मिलान किया गया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। साथ ही वीडियो सबूतों और कॉल डिटेल्स से भी यह साबित हुआ कि सुशील कुमार कई एसएचओ और क्राइम यूनिट के अधिकारियों के संपर्क में था और कथित तौर पर आईजी के नाम पर पैसे की मांग कर रहा था।
पुलिस ने सुशील कुमार के पांच मोबाइल फोन जब्त किए, जिनसे उसकी मंथली रिश्वत मांगने की गतिविधियों के सबूत मिले। चार्जशीट में बताया गया कि वह कई मामलों में लोगों का ट्रांसफर रोकने या एसीआर ठीक करवाने के नाम पर पैसे लेता था।
इस मामले की सुनवाई अब 5 दिसंबर को एडिशनल सेशन जज कपिल राठी की कोर्ट में होगी।
मामले का पृष्ठभूमि:
6 अक्टूबर को शराब कारोबारी प्रवीण बंसल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सुशील कुमार उनसे ढाई लाख रुपये मंथली रिश्वत की मांग कर रहा था। इसके बाद अर्बन एस्टेट थाने में एफआईआर नंबर 319 दर्ज की गई थी।
इसके अलावा, चार्जशीट में यह भी बताया गया कि सुशील कुमार वाई पूरन कुमार के साथ अस्थाई ड्यूटी पर रहते हुए बिना किसी आधिकारिक आदेश के उनके करीब था और रिश्वत मांगने के बाद सर्किट हाउस के एक कमरे में छिपा हुआ था। पुलिस ने उससे पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद चार्जशीट दाखिल की है।