नरवाना से जजपा के विधायक रहे रामनिवास सुरजाखेड़ा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। हालांकि उन्हें यह भी उम्मीद है कि भाजपा उनको मैदान में उतार देगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। रामनिवास सुरजाखेड़ा ने सोमवार को नरवाना में रोड शो निकाला और अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।
बैठक में उन्होंने कहा कि उन पर राजनीतिक षड़यंत्र के तहत दुष्कर्म के आरोप लगे थे। इनमें अब उनको क्लीचिट मिल गई है, जो विरोधियों के मुंह पर एक तमाचा है। सच्चाई की जीत हुई और वह निर्दोष साबित हुए।
सुरजाखेड़ा ने कहा कि उनको जनता ने बहुत प्यार दिया है और आज कार्यकर्ता सम्मेलन बुलाया है। सुरजाखेड़ा को एक सितंबर को जींद में हुई भाजपा की जन आशीर्वाद रैली में शामिल होना था, लेकिन दुष्कर्म के आरोपों के चलते वह भाजपा में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने इससे पहले जजपा से भी इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल रामनिवास सुरजाखेड़ा न जजपा में हैं और न ही भाजपा में।
अब उनका अगला रुख क्या होगा, इसके लिए उन्होंने सोमवार को कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। बैठक में सभी ने निर्णय लेने का अधिकार रामनिवास सुरजाखेड़ा पर ही छोड़ दिया। अब वह अगला कदम क्या उठाएंगे, इसके बारे में जल्द ही खुलासा होगा। यदि उनको भाजपा का टिकट नहीं मिला तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं।