करनाल: कुटेल बाईपास के पास पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात, संभवतः हत्या की साजिश को अंजाम देने की योजना में थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि पूरे नेटवर्क और साजिश की गहराई से जांच की जा सके।
सीआईए-1 प्रभारी संदीप कुमार के अनुसार, 29 जून को टीम नियमित गश्त पर थी, तभी सूचना मिली कि कुछ लोग हथियारों के साथ कुटेल बाईपास की ओर बढ़ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत इलाके में नाकेबंदी कर दी और पांच लोगों को मौके से दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कलानौर निवासी पवन, जतिन, खरखौदा निवासी राहुल, मालपुर निवासी नवदीप और मेहलाना के कपिल के रूप में हुई है।
इसी मामले में आकाश नाम के एक आरोपी को खरखौदा क्षेत्र से अलग से गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर हथियार सप्लाई करने में शामिल था। वहीं एक अन्य आरोपी परमीत की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। बरामदगी में 8 पिस्टल, 30 जिंदा कारतूस और एक वाहन शामिल है। पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियार किसी संगठित साजिश की ओर इशारा करते हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी पवन पहले कलानौर से नगर परिषद सदस्य (एमसी) रह चुका है। बताया जा रहा है कि 2017 में हुई एक पुरानी रंजिश के चलते वह बदला लेने की योजना बना रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशाना कथित रूप से कुछ पुराने विरोधी थे और वे एक संगठित हमले की तैयारी में थे, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों के तार कुख्यात गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस के मुताबिक, इनका संपर्क मनीष और अमर नाम के अपराधियों के जरिए हुआ था, जिनमें से एक पहले से हत्या के मामले में दोषी है और दूसरा पैरोल पर फरार बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और आगे की पूछताछ में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।