शामली: चर्चित धर्मांतरण मामले में मंगलवार को एक नया घटनाक्रम सामने आया। सनातन धर्म में वापसी के बाद आयुष मलिक ने 15 दिन के मौन व्रत की शुरुआत कर दी है। इस दौरान शहर के हनुमान धाम में बघरा पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज की मौजूदगी में हनुमान चालीसा का पाठ कराया गया। कार्यक्रम में आयुष के पिता देवराज मलिक सहित कई लोग उपस्थित रहे।

जानकारी के अनुसार, मौन व्रत के दौरान आयुष किसी से मुलाकात नहीं करेंगे और पूरी तरह एकांत में रहकर धार्मिक गतिविधियों में समय व्यतीत करेंगे। स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि आयुष पिछले कई दिनों से नियमित रूप से पूजा-अर्चना कर रहे हैं और उन्होंने अपने घर में मंदिर स्थापित कर देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित की हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा भाव से हनुमान चालीसा का पाठ कराया गया और लोगों से स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाने की अपील भी की गई।

स्वामी यशवीर महाराज ने यह भी कहा कि इस मामले को उन्होंने 4 जून को सार्वजनिक किया था, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। उन्होंने राज्य सरकार और शामली पुलिस के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

आयुष के पिता देवराज मलिक ने बेटे की घर वापसी पर संतोष जताया और इस दौरान सहयोग करने वाले लोगों का धन्यवाद किया। वहीं पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस आयुष के बयान भी दर्ज करेगी।

इस बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला अध्यक्ष मौलाना साजिद कासमी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को धर्म अपनाने या छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस्लाम स्वीकार करने के बाद वापस अपने मूल धर्म में लौटता है, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उसका निकाह स्वतः समाप्त माना जाता है।

मामला 4 जून को तब चर्चा में आया था जब स्वामी यशवीर महाराज ने धर्मांतरण का मुद्दा उठाया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और 6 जून को पीड़ित के पिता की शिकायत पर कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

धर्मांतरण से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम और हनुमान धाम में हुए धार्मिक कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।