हिमाचल प्रदेश सरकार ने 130 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने और इसके लिए सीबीएसई संबद्ध स्कूल उत्कृष्टता योजना को तुरंत प्रभाव से लागू करने का आदेश जारी किया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर की ओर से इस बाबत अधिसूचना भी जारी की गई है। योजना के तहत इन स्कूलों में सैकड़ों नए पदों का सृजन किया जाएगा।

सरकार ने पहले ही 100 स्कूलों में 560 विभिन्न श्रेणियों के पदों को भरने का आदेश दे चुका है। अब इन्हें उत्कृष्टता योजना की उप-शाखा के तहत नियुक्त किया जाएगा। इन पदों में प्रवक्ता (भूगोल, संगीत, आईपी, मनोविज्ञान, ललित कला, संस्कृत, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी) और शारीरिक शिक्षा में डिप्लोमा धारकों के पद शामिल हैं।

अंग्रेजी और गणित के शिक्षकों की नियुक्ति:
राज्य चयन आयोग के माध्यम से 400 अंग्रेजी और 400 गणित शिक्षकों की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। यह नियुक्ति पांच साल की अवधि के लिए निर्धारित मासिक मानदेय पर की जाएगी। इन शिक्षकों के माध्यम से छात्रों की विषयगत दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष पाठ्यक्रम भी तैयार किया जाएगा।

अन्य स्टाफ और आउटसोर्स पद:
योग शिक्षक, परामर्शदाता/कल्याण शिक्षक, कैटरिंग सुपरवाइजर और आया जैसे पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरा जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में तीन अंशकालिक मल्टी-टास्क वर्कर (MTW) की नियुक्ति की जाएगी।

अतिरिक्त टीचिंग पद और स्पेशल एजुकेटर:
प्रत्येक स्कूल में एक-एक स्पेशल एजुकेटर और चौकीदार, स्वीपर के पद सृजित किए जाएंगे। विभाग आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त शिक्षण पद भी बना सकता है।

संबंधित दिशा-निर्देश:
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने योजना का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षक चयन किसी परीक्षा के माध्यम से नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, मौजूदा शिक्षक और प्रधानाचारियों का मूल्यांकन बोर्ड परीक्षा परिणामों और पिछले प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बालक और बालिका विद्यालयों का अनावश्यक विलय न किया जाए और सीबीएसई व हिमाचल बोर्ड के स्कूलों के बीच शिक्षक स्थानांतरण सुविधा जारी रखी जाए।

इसके अलावा संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानाचारियों और शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पर कोई असर नहीं होना चाहिए और फीस संरचना में किसी तरह की वृद्धि नहीं की जानी चाहिए।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से:
इन 130 स्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति, सेवा शर्तें, स्थानांतरण नीति और विशेष भत्तों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।