मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और भविष्य में इसकी उपयोगिता को देखते हुए उच्च शिक्षा में एक बड़ा बदलाव किया है। अब नए सत्र से बीए, बीएससी और बीकॉम (एनईपी पाठ्यक्रम) में दाखिला लेने वाले सभी छात्रों के लिए “AI for All” कोर्स अनिवार्य कर दिया गया है।

यूजीसी के दिशा-निर्देशों के आधार पर लागू की गई इस पहल को पहले ही कुछ विश्वविद्यालयों में शुरू किया जा चुका है, और अब सीसीएसयू भी उन प्रमुख संस्थानों में शामिल हो गया है, जहां हर स्नातक छात्र को एआई की बुनियादी समझ दी जाएगी।

कोर्स की रूपरेखा और मूल्यांकन व्यवस्था

विश्वविद्यालय ने इस कोर्स को पूरी तरह ऑनलाइन मोड में संचालित करने का निर्णय लिया है, ताकि सभी छात्र आसानी से इसे पूरा कर सकें। यह 75 घंटे का बेसिक कोर्स होगा, जिसे 3 क्रेडिट का दर्जा दिया गया है और इसे दूसरे सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा।

इस 100 अंकों के कोर्स में 40 अंक आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर दिए जाएंगे, जबकि 60 अंकों की परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) पर आधारित होगी, जिसका आयोजन विश्वविद्यालय करेगा। इसके लिए चयनित एजेंसी छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मटेरियल और प्रश्न बैंक उपलब्ध कराएगी।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तकनीकी छात्रों तक सीमित न रहकर कला, वाणिज्य, विज्ञान, प्रबंधन और शिक्षा जैसे सभी संकायों के विद्यार्थियों को AI साक्षर बनाना है।

छात्र क्या सीखेंगे?

इस कोर्स में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का परिचय, उसके विकास और दैनिक जीवन में उपयोग की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और जनरेटिव AI की मूल समझ भी शामिल होगी।

साथ ही डेटा विश्लेषण, निर्णय प्रक्रिया में AI की भूमिका, तकनीक से जुड़े नैतिक पहलू और भविष्य के रोजगार अवसरों पर भी फोकस किया जाएगा।

भविष्य की तैयारी पर जोर

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कदम छात्रों की डिजिटल समझ को मजबूत करेगा और उन्हें बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करेगा। कुलसचिव अनिल कुमार यादव के अनुसार, यह पहल छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगी।

यह कोर्स कैंपस के साथ-साथ सभी संबद्ध कॉलेजों में समान रूप से लागू होगा। आगे चलकर इसे स्नातकोत्तर स्तर और अन्य विषयों में भी विस्तार देने की योजना है।