हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई वन परिक्षेत्र के पेट्रोल पंप के पास घासनियों में दर्जनों चीड़ के पेड़ काटे जाने की घटना सामने आई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू करने का एलान किया है।
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग ने संबंधित भू-मालिकों को 25 चीड़ के पेड़ काटने की अनुमति दी थी। इसके तहत विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर पेड़ों का निरीक्षण कर, हर पेड़ पर हैमर लगाकर कटाई की प्रक्रिया शुरू करते। लेकिन जानकारी मिल रही है कि विभागीय टीम के आने से पहले ही यहां बड़ी संख्या में पेड़ काट दिए गए। इस घटना के पीछे क्या कारण हैं और अनुमति प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच अभी जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी अवैध कब्जे और जमीन से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं। शिलाई में चल रहे भू-बंदोबस्त के दौरान निशानों में छेड़छाड़ के कारण जमीन की सीमा बदल जाने और कई शिकायतें दर्ज होने की बात कही जा रही है।
शिलाई वन परिक्षेत्र अधिकारी विश्वनाथ ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है। वह स्टाफ के साथ डीएफओ कार्यालय रेणुका पहुंचे और शुक्रवार को मौके का निरीक्षण करेंगे। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि कितने पेड़ काटे गए हैं, किसके द्वारा काटे गए और क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी।
डीएफओ जीबीआर कंडेटा ने कहा, “शिलाई में एक व्यक्ति ने मलकियत भूमि से 25 पेड़ काटने की अनुमति ली थी, लेकिन इससे ज्यादा पेड़ काटे जाने की जानकारी मिली है। मामले की पूरी छानबीन के आदेश दे दिए गए हैं और मैं स्वयं शुक्रवार को मौके पर जाकर जांच करूंगा।”