शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की शनिवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल एम्स अस्पताल, दिल्ली ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका चेकअप किया। जांच के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और मुख्यमंत्री हिमाचल सदन लौट आए।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री आज दिल्ली में ही रहेंगे और रविवार को शिमला लौटने का कार्यक्रम है। कैबिनेट के अन्य मंत्री भी दिल्ली से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के लिए लौट चुके हैं।

दिल्ली दौरे का उद्देश्य

सीएम सुक्खू और उनकी पूरी कैबिनेट 19 फरवरी को दिल्ली गए थे। 20 फरवरी को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के वित्तीय संकट और आरडीजी (राजस्व घाटना अनुदान) बंद होने के प्रभाव पर चर्चा हुई। साथ ही एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) के कारण प्रदेश के सेब बागवानों को होने वाले नुकसान पर भी विचार किया गया।

राजस्व घाटा और सियासी हलचल

आरडीजी अनुदान बंद होने से हिमाचल प्रदेश को सालाना लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होने का अंदेशा है। इससे सरकार को बजट में कटौती करनी पड़ सकती है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुक्खू और कैबिनेट दिल्ली गए थे और ग्रांट को बहाल करने की मांग की।

सरकार और संगठन पर चर्चा

दिल्ली बैठक में प्रदेश की सरकारी नीतियों और संगठनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने राज्यसभा में आरडीजी और मुक्त व्यापार समझौते के प्रभाव को उठाने की तैयारी की है।

मुख्यमंत्री की अचानक तबीयत बिगड़ने से प्रदेश और दिल्ली में उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है, हालांकि अब उन्हें खतरे से बाहर बताया गया है।