शिमला की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम-II) अदालत ने रोहड़ू से पकड़े गए तीन आरोपियों को दिल्ली पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका स्वीकार करते हुए उनके हवाले कर दिया। आरोपी सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को देर रात करीब एक बजे एसीजेएम-II एकांश कपिल के आवासीय न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस को उन्हें अपने साथ ले जाने की अनुमति प्रदान की।

कानूनी प्रक्रिया और पेशी

भारत सरकार की ओर से वरिष्ठ पैनल अधिवक्ता नंदलाल ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक आवेदन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिसे संबंधित अदालत में अग्रेषित किया गया। इसके बाद स्थानीय मजिस्ट्रेट ने ट्रांजिट रिमांड को मंजूरी दी। अब तीनों को उस दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां संबंधित एफआईआर दर्ज है।

गिरफ्तारी को लेकर दिनभर तनाव

तीनों युवक युवा कांग्रेस से जुड़े बताए जा रहे हैं। इन्हें नई दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की टीम जब उन्हें लेकर जा रही थी, तो हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए रास्ते में रोक लिया।

शोघी और धर्मपुर में नाकाबंदी कर दिल्ली पुलिस के वाहनों को रोका गया। हिमाचल पुलिस का आरोप था कि बिना स्थानीय सूचना के यह कार्रवाई की गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। इस संबंध में चिढ़गांव थाने में मामला भी दर्ज किया गया।

दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने

दिनभर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और कानूनी दलीलें चलती रहीं। हिमाचल पुलिस ने इसे अवैध कार्रवाई बताते हुए अपहरण जैसी धाराओं का हवाला दिया, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना था कि 20 फरवरी को दर्ज एफआईआर के तहत पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और यह कार्रवाई विधिसम्मत है।

मेडिकल जांच के बाद रवाना

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए अंबाला सिविल अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल अधिकारी डॉ. अनु बरवाल के अनुसार जांच में उनकी स्थिति सामान्य पाई गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।