पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि अमरनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देश में बढ़ते तनाव और वैचारिक दूरी को कम करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने इसे आपसी भाईचारे को मजबूत करने वाला मंच बताया।
सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 3880 मीटर ऊंची पवित्र गुफा तक जाती है, जिसमें हर साल हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसी क्रम में उन्होंने पहलगाम में स्थानीय पर्यटन और आतिथ्य से जुड़े लोगों से भी मुलाकात की।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस यात्रा की सुरक्षा केवल सुरक्षाबलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि कश्मीर के लोगों की भी साझा भूमिका है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाला हर श्रद्धालु अतिथि होता है और उनके अनुभव देशभर में कश्मीर की मेहमाननवाजी और संस्कृति का संदेश लेकर जाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा समय में जब देश में सामाजिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ रहा है, ऐसे में अमरनाथ यात्रा लोगों के बीच भरोसा और संवाद बढ़ाने का माध्यम बन सकती है।
महबूबा मुफ्ती के अनुसार स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच सीधा संवाद गलतफहमियों और अफवाहों को कम करता है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि सह-अस्तित्व और सौहार्द का भी प्रतीक है।