जम्मू कश्मीर। किश्तवाड़ जिले में आतंकियों को कथित रूप से सहायता पहुंचाने के मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक कर्मचारी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना किश्तवाड़ में दर्ज मामले की जांच के दौरान भारतीय न्याय संहिता, यूएपीए और आर्म्स एक्ट के तहत की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दच्छन क्षेत्र के टंडर गांव निवासी तारिक अहमद गिनू और मोहम्मद इकबाल के रूप में हुई है। इनमें तारिक अहमद गिनू वन विभाग में सरकारी कर्मचारी के रूप में तैनात बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, दोनों पर स्थानीय आतंकियों को रसद और अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने तथा उनकी गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप है। इससे पहले इसी मामले में छात्रू क्षेत्र से जुड़े दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया जा चुका है।
जांच के दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों से जुड़ी सामग्री और हथियारों का बड़ा जखीरा भी बरामद किया है, जिसमें 16 कारतूस, 47 खाली खोखे और दो हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि ये हथियार किस नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराए गए और इनका इस्तेमाल कहां किया जाना था।
किश्तवाड़ के एसएसपी नरेश सिंह ने बताया कि जांच के आधार पर यह गिरफ्तारियां की गई हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में आतंकवाद और उसके सहयोगी नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।