जम्मू। जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय कमांडर सैफुल्लाह बलोच और उसके दो साथियों को मार गिराया। इस ऑपरेशन के दौरान इस सात सदस्यीय आतंकवादी समूह का पूरी तरह सफाया हो गया।
पिछले 18 महीनों में कई बड़े हमलों में शामिल इस गिरोह के सदस्य आदिल को कुछ समय पहले इसी क्षेत्र में ढेर किया गया था। इसके अलावा, समूह के दो सदस्य उधमपुर के मजालता और एक सदस्य कठुआ जिले के बिलावर में मारे गए थे।
सेना प्रमुख ने दी बधाई
आपरेशन की सफलता पर आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उत्तरी कमान के सैनिकों की दक्षता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतरीन तालमेल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेना के जवानों की सतर्कता और संचालन उत्कृष्टता जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है।
आपरेशन त्राशी में सुरक्षा बलों की सहभागिता
इस अभियान में जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सैफुल्लाह बलोच पर 5 लाख रुपये का इनाम था और वह पिछले डेढ़ साल से सुरक्षाबलों की पकड़ से बचता आया था।
जम्मू में आतंकवाद को बड़ा झटका
सैफुल्लाह और उसके सहयोगियों के ढेर होने से जैश-ए-मोहम्मद के जम्मू क्षेत्र में नेटवर्क को गंभीर क्षति पहुंची है। सेना का कहना है कि इस अभियान से आतंकवाद के खिलाफ जारी कार्रवाई और तेज होगी और गिरोह की सक्रियता अब निचले स्तर तक सीमित हो जाएगी।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, आर्मी की उत्तरी कमान के कमांडर, ने क्षेत्र में आतंकवाद रोधी अभियानों की निगरानी की। सुरक्षा बलों के मुताबिक इस ऑपरेशन ने जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक सफलता दिलाई है और जवानों का मनोबल बढ़ाया है।