श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर के प्रमुख कनेक्शन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार देर शाम वाहनों को सुरक्षित निकालने का कार्य किया गया। रामबन जिले के डिगडोल क्षेत्र में रविवार की रात को भारी भूस्खलन और पहाड़ से पत्थरों के गिरने के कारण हाईवे कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद हो गया था, जिससे दोनों ओर लंबी वाहनों की कतारें लग गई थीं।

मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने मंगलवार को जम्मू संभाग के छह जिलों – रामबन, पुंछ, राजौरी, रियासी, ऊधमपुर और डोडा के लिए ओरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 115 से 204 मिलीमीटर तक भारी बारिश की संभावना है।

मौसम पर हाईवे खोलने का निर्णय
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 7 अप्रैल दोपहर से अगले दिन शाम तक राजमार्ग पर बाधा आ सकती है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने और मौसम एवं ट्रैफिक संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। हाईवे खोलने का अंतिम फैसला मौसम और मार्ग की स्थिति के आधार पर लिया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम विभाग ने पांच दिनों में दूसरी बार ओरेंज अलर्ट जारी किया है। 9 अप्रैल को भी प्रदेश में मौसम में बदलाव के प्रभाव दिखाई देंगे। तेज हवाओं की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। भारी बारिश की स्थिति में भूस्खलन, पहाड़ों से पत्थर गिरने और बाढ़ का खतरा भी बना रहेगा।

अन्य मार्गों की स्थिति
हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद घाटी को गुरेज से जोड़ने वाली 85 किलोमीटर लंबी बांडीपोरा-गुरेज सड़क पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। जिला उपायुक्त इंदु कंवल चिब ने बताया कि मौसम में सुधार होने पर ही सड़क पर यात्रा की सलाह दी जाएगी। इसके अलावा किश्तवाड़-सिंथन-अनंतनाग मार्ग भी बंद है। सोमवार को मौसम साफ रहने से तापमान में हल्का उछाल आया।

श्रीनगर में अधिकतम तापमान 19.9°C, पहलगाम में 15.6°C, गुलमर्ग में 8.0°C, जम्मू में 29.2°C और कटड़ा में 26.6°C दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मुख्तार अहमद ने कहा कि अगले दो दिन में तापमान में गिरावट आएगी और किसानों को इस दौरान कृषि कार्य न करने की सलाह दी गई है।