कुलगाम। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अपील की है कि पूर्व जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शेख गुलाम हसन के जनाजे के दौरान लोगों द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं को लेकर दर्ज की जा रही कार्रवाई को तुरंत रोका जाए।
कुलगाम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि लोग शोक के माहौल में अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे थे और इसे किसी भी तरह देश-विरोधी गतिविधि नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही कुछ टिप्पणियां विवादित हो सकती हैं, लेकिन उन पर आपराधिक मामले दर्ज करना उचित नहीं है।
महबूबा मुफ्ती ने टारिगाम क्षेत्र में शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।
सोशल मीडिया पर ‘विच हंट’ का आरोप
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि केवल भावनाएं व्यक्त करने के आधार पर लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना गलत है और इसे उन्होंने ‘विच हंट’ की कार्रवाई बताया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इस तरह की कार्रवाइयों पर रोक लगाने की अपील की।
भालू से जुड़ी घटना पर भी जताई चिंता
इसी दौरान महबूबा मुफ्ती ने एक अन्य घटना पर भी चिंता जताई, जिसमें आरोप है कि सेना के कुछ जवानों ने एक युवक को उस घर की ओर धकेल दिया था जहां एक जंगली भालू फंसा हुआ था। इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और फिलहाल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि वह सेना का सम्मान करती हैं, लेकिन अगर किसी भी तरह की लापरवाही से किसी की जान खतरे में पड़ती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।