श्रीनगर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कश्मीर में आतंकी भर्ती और टेरर फंडिंग से जुड़े एक मामले की जांच के तहत सोमवार को श्रीनगर से बारामूला तक कई इलाकों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान चार से अधिक स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कुछ संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए। हालांकि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
एनआईए की कार्रवाई श्रीनगर के जैनकोट, बांदीपोरा के पलैन, बारामूला जिले के जेठन रफियाबाद और बोम्मई सोपोर में की गई। यह छापे जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की सहायता से डाले गए।
सूत्रों के अनुसार, बांदीपोरा में एक सेवानिवृत्त शिक्षक के घर की तलाशी ली गई, जिनका एक बेटा पहले से ही आतंकी गतिविधियों के आरोप में जेल में बंद है। वहीं रफियाबाद (बारामूला) में कृषि विभाग में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी के आवास की भी जांच की गई।
एनआईए ने श्रीनगर के मुस्तफाबाद (जैनकोट) इलाके में जेल में बंद आतंकी वहीद-उर-जहूर राही के मकान की तलाशी ली। राही मूल रूप से बोम्मई सोपोर (जिला बारामूला) का रहने वाला है और वर्ष 2006 से श्रीनगर में रह रहा था। उसे 2024 में आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह जेल में है। एनआईए की टीम ने बोम्मई सोपोर स्थित उसके घर की भी जांच की।
सूत्रों के मुताबिक, सभी स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया और इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। हर टीम का नेतृत्व डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे थे। तलाशी के दौरान संबंधित लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी को हिरासत में नहीं लिया गया।
एनआईए ने जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है और इनके आधार पर आतंकी नेटवर्क से जुड़े सुराग तलाशे जा रहे हैं।