जम्मू के कनाचक इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध आतंकवादियों के सैटेलाइट कम्युनिकेशन को ट्रैक कर सघन सर्च अभियान शुरू किया है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, थुराया सैटेलाइट डिवाइस के इस्तेमाल को इंटरसेप्ट किया गया, जिससे इलाके में सुरक्षा बलों की सक्रियता बढ़ गई। कनाचक क्षेत्र भारत-पाक सीमा से केवल लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित है।

सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर खोज अभियान शुरू किया। इसमें स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और भारतीय सेना शामिल हैं। उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों सहित पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है, ताकि अनुमानित तीन दर्जन सक्रिय आतंकवादियों का पता लगाकर उन्हें रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम आगामी गणतंत्र दिवस के दौरान शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।

कनाचक क्षेत्र पहले भी पाकिस्तान से आने वाली घुसपैठ का प्रमुख मार्ग रहा है। पिछले सालों में स्थानीय पुलिस ने कई आतंकवादियों की योजना को विफल किया और पाकिस्तानी ड्रोन भी बरामद किए। अब पाकिस्तान थुराया सैटेलाइट डिवाइस का इस्तेमाल कर घुसपैठ के प्रयास कर रहा है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

इस बीच, जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह अपने समर्थकों से कहता है कि संगठन के पास हजारों फिदायीन मौजूद हैं, और उनकी संख्या बताने पर दुनिया की मीडिया में हड़कंप मच जाएगा। मसूद अजहर ने इस ऑडियो में युवाओं को ‘शहादत’ के विचार के जरिए गुमराह करने की रणनीति भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े लोग सांसारिक सुखों की कोई मांग नहीं करते, बल्कि केवल शहादत की इच्छा रखते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह ऑडियो मसूद अजहर की बौखलाहट और हाल ही में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के प्रभाव को दर्शाता है। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया था, जिससे संगठन को गंभीर क्षति पहुंची।