हंसडीहा (दुमका): दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड के मजडीहा गांव में शुक्रवार की शाम एक शादी का उत्सव अचानक तनावपूर्ण घटना में बदल गया, जब दहेज लोभी दूल्हा मंडप तक पहुंचने के बाद शादी से पहले ही फरार हो गया।

इस घटना के बाद शहनाई की गूंज के बीच दुल्हन को शादी का जोड़ा उतारना पड़ा। ग्रामीणों में गुस्सा भड़क गया और उन्होंने बारात में शामिल करीब तीन दर्जन पुरुष और महिलाओं को बंधक बना लिया।

बारातियों को बनाया बंधक

मजडीहा गांव की अरविंद ठाकुर की बेटी की शादी देवघर जिले के मोहबंदिया गांव निवासी रामभरोशा ठाकुर (पिता स्व. जयदेव ठाकुर) से तय हुई थी। विवाह की तिथि 13 मार्च निर्धारित की गई थी और बारात समय पर गांव पहुंच गई।

लेकिन जैसे ही बारात गांव की दहलीज पर पहुंची, दूल्हा अचानक वहां से भाग गया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बारात में आए लोगों को गांव में ही रोका।

सूचना मिलने पर हंसडीहा थाना की पुलिस शनिवार सुबह मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित छुड़ाने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीण दूल्हे को वापस बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

दुल्हन ने शादी से किया इंकार

बाध्य होकर दूल्हा हंसडीहा थाना पहुंचा और दुल्हन से शादी की इच्छा जताई। लेकिन दुल्हन ने साफ तौर पर शादी से इंकार कर दिया। उसने कहा कि सुबह तक वह शादी के जोड़े में दूल्हे का इंतजार करती रही, लेकिन वह नहीं आया। इस दौरान उसे ऐसा लगा जैसे उसके ऊपर पहाड़ टूट गया हो।

दुल्हन ने कहा, "अब मैं उसी लड़के से शादी नहीं करूंगी, जो मंडप तक पहुंचने के बाद छोड़कर भाग गया।"

शादी के नाम पर पैसों का दबाव

लड़की पक्ष ने आरोप लगाया कि दूल्हे ने शादी के खर्च के नाम पर पहले ही लाखों रुपये ले लिए थे और तिलक समारोह के बाद भी लगातार पैसे की मांग करता रहा।

स्वजन ने बताया कि बेटी की शादी के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक गिरवी रखकर दूल्हे की मांग पूरी की, लेकिन अचानक भाग जाने से परिवार बुरी तरह टूट गया। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।