जमशेदपुर। झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में गुरुवार देर रात पुलिस और अपहरण गिरोह के सदस्यों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। यह घटना सोनारी थाना क्षेत्र के साईं मंदिर के पास करीब रात दो बजे घटी, जिसमें तीन कुख्यात अपराधी पुलिस की गोली से घायल हो गए।

घायलों को तुरंत एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। पुलिस ने घायलों की पहचान बिहार के गया जिले के निवासी गुड्डू सिंह, रमीज रजा और इमरान के रूप में की है।

कैरव गांधी अपहरण मामले से जुड़ा है पूरा घटनाक्रम

तीनों आरोपी झारखंड के चर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड में पहले ही पुलिस की गिरफ्त में थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया था कि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार सोनारी स्थित साईं मंदिर के पीछे जंगल क्षेत्र में छिपाए गए हैं।

हथियार बरामद करने के लिए पुलिस टीम तीनों आरोपियों को वाहन से मौके पर लेकर पहुंची थी। इसी दौरान अचानक एक आरोपी ने पुलिसकर्मी से कार्बाइन छीन ली और गोलियां चलाते हुए फरार होने की कोशिश की।

करीब 11 राउंड फायरिंग

स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से लगभग 11 राउंड गोलियां चलीं, जिससे आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।

पुलिस की सतर्कता से तीनों आरोपी भाग नहीं सके और मुठभेड़ के दौरान उनके पैरों में गोली लग गई। इसके बाद उन्हें काबू में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

इलाके में सर्च ऑपरेशन, वरिष्ठ अधिकारी मौके पर

घटना की जानकारी मिलते ही जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय, सिटी एसपी कुमार शिवाशीष और डीएसपी समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया और हालात पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई है। मामले से जुड़े अन्य आपराधिक कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने साफ किया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।