मैथन (धनबाद)। गलफरबाड़ी सन्यासी मंदिर के पास अवैध कोयला खदानों में मंगलवार देर रात भयानक धंसने की घटना सामने आई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खदानों में दबे कई मजदूरों के घायल या मृत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस हादसे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 50-60 मजदूर रात के लगभग एक बजे असुरक्षित माहौल में खदानों में कोयला निकाल रहे थे। इस दौरान, खदान के अंदर बने सहारे (पिलर) को काट दिया गया, जिससे खदान अचानक धंस गई। घटना की चपेट में आने से पास की अन्य खदानें भी प्रभावित हुईं।

सूत्रों का कहना है कि खदान संचालकों ने फंसे मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन कई मजदूरों की मौत हो गई और शवों को रात में ही छिपा दिया गया। हादसे के बाद डोजर और जेसीबी मशीन का उपयोग कर दुर्घटनाग्रस्त खदानों को भर दिया गया, ताकि प्रशासन के सामने कोई साक्ष्य न बचे। मरने वाले अधिकांश मजदूर बंगाल के बताए जा रहे हैं, और उनके परिवार अभी तक सामने नहीं आए हैं।

स्थानीय भट्ठा संचालक मुन्ना और पिंटू के निर्देश पर यह अवैध खनन जारी था। इन खदानों से कोयला दुधियापानी स्थित भट्टों में पहुंचाया जाता था, जहां से ट्रक और अन्य वाहनों के माध्यम से बिहार, यूपी और पश्चिम बंगाल की मंडियों में बेचा जाता था।

स्थानीय पुलिस और अधिकारियों को घटना की जानकारी नहीं दी गई। मैथन में पुलिस सम्मान समारोह के दौरान एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, लेकिन गलफरबाड़ी ओपी ने इस मामले को दबाए रखा। ओपी प्रभारी दीपक कुमार दास ने घटना से इनकार किया है।