एमपी: केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 160 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। पिछले साल यह मूल्य 2425 रुपये था। MSP की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीकरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं और किसान अब खरीदी की तारीख का इंतजार कर रहे हैं।
पंजीकरण की जानकारी
किसान 7 फरवरी से 7 मार्च तक समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। नई व्यवस्था में किसान घर बैठे ऑनलाइन नि:शुल्क पंजीकरण कर सकते हैं। वहीं, कियोस्क या अन्य ऑनलाइन केंद्र से पंजीकरण कराने पर 50 रुपये शुल्क देना होगा। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, भू-अभिलेख, ऋण पुस्तिका और आधार से लिंक बैंक खाता अनिवार्य है। किसान एप और ई-उपार्जन पोर्टल पर भी घर बैठे पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
मौसम और उत्पादन की उम्मीद
इस रबी सीजन में मौसम किसानों के अनुकूल रहा है। पर्याप्त ठंड और नमी की वजह से फसल अच्छी स्थिति में है। लोकवन, तेजस, 1544 और 322 जैसी उन्नत किस्मों की बोवनी बड़े पैमाने पर की गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा, तो इस बार गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे खरीदी प्रक्रिया पर भी दबाव बढ़ सकता है।
MSP का पिछले वर्षों का इतिहास
वर्ष 2024 में गेहूं का MSP 2300 रुपये था। मध्य प्रदेश सरकार ने उस पर 125 रुपये का बोनस जोड़कर 2425 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदी की थी। वर्ष 2025 में केंद्र ने MSP 2425 रुपये तय किया, जबकि राज्य सरकार ने 175 रुपये का बोनस जोड़कर 2600 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को भुगतान किया। अब 2026-27 के लिए MSP 2585 रुपये घोषित किया गया है।
चुनावी वादा और किसानों की उम्मीद
किसान राधेश्याम राय और कैलाश विश्वकर्मा का कहना है कि विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदी का वादा किया था। बीते वर्ष बोनस देकर सरकार इस आंकड़े के करीब पहुंची थी, लेकिन वादा अधूरा रहा। इस बार MSP 2585 रुपये होने के बाद किसानों को उम्मीद है कि यदि राज्य सरकार 115 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देती है, तो चुनावी वचन पूरा हो सकता है।
आष्टा मंडी में रबी सीजन की नीलामी शुरू
सीहोर जिले की आष्टा कृषि उपज मंडी में मंगलवार से नए रबी सीजन की गेहूं की आवक और नीलामी शुरू हो गई। मंडी परिसर में सुबह से ही किसानों और व्यापारियों की चहल-पहल ने नए सीजन की शुरुआत खास बना दी।
सीजन की पहली नीलामी में इछावर तहसील के ग्राम डाबला राय निवासी किसान राजाराम ने चार क्विंटल गेहूं मंडी में लाया, जिसे सात्विक एग्रो फूड इंडस्ट्री ने 2381 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा। पहले दिन का यह भाव अन्य किसानों के लिए भी उत्साहजनक रहा।
मंडी में आवक और भाव
मंडी सचिव नरेंद्र कुमार मेश्राम के अनुसार, 3 फरवरी 2026 को आष्टा मंडी में कुल 9904 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई। आने वाले दिनों में आवक और बढ़ने की संभावना है। मंडी में ‘गेहूं सुजाता 3006’ किस्म का उच्चतम भाव 3440 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि लोकवन किस्म 2602 से 2834 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिकी।
शरबती गेहूं की साख और पड़ोसी जिलों का भरोसा
आष्टा मंडी शरबती और उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के लिए प्रसिद्ध है। यहां की उपज देश के कई हिस्सों में पसंद की जाती है। आसपास के जिलों जैसे हरदा, देवास और राजगढ़ के किसान भी अपनी फसल लेकर मंडी आते हैं। बेहतर भाव और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के कारण मंडी में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है।