मध्य प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने निवेश घोटाले के मुख्य आरोपी लविश चौधरी, जिसे ‘नवाब’ के नाम से भी जाना जाता है, के खिलाफ अब इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवा लिया है। यह मामला कई राज्यों के निवेशकों को लक्षित करता है और इसमें 3,200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का आरोप है।

एसटीएफ पहले ही इंटरपोल की मदद से दुबई में लविश की उपस्थिति के ठोस सबूत जुटा चुकी थी और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कर चुकी थी। अब रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए आरोपी की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरू कर दी गई है। यह मध्य प्रदेश एसटीएफ के लिए ऐसा पहला मौका है जब विदेश में फरार आरोपी को भारत वापस लाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

प्रत्यर्पण प्रक्रिया का तरीका
एसटीएफ ने इस संबंध में इंदौर की स्पेशल कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद दस्तावेज सीआईडी के माध्यम से राज्य सरकार को भेजे जाएंगे। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के जरिए ये यूएई को सौंपे जाएंगे। यदि कानूनी अड़चन नहीं आती है, तो अगले 3-4 महीनों में यूएई की अदालत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे सकती है।

ब्लू और रेड कॉर्नर नोटिस में अंतर
ब्लू नोटिस इंटरपोल का अलर्ट होता है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान, लोकेशन या गतिविधियों की जानकारी इकट्ठा करना है। वहीं रेड कॉर्नर नोटिस सबसे सख्त कदम है, जिसमें आरोपी की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की मांग की जाती है। पकड़े जाने पर आरोपी को इंटरपोल की निगरानी में भारत भेजा जा सकता है या एसटीएफ की टीम सीधे दुबई जाकर उसे सुपुर्दगी ले सकती है।

एसटीएफ के एआईजी नवीन चौधरी के अनुसार, लविश के खिलाफ दर्ज एफआईआर और केस डायरी हिंदी में हैं, जबकि यूएई की अदालतें अरबी में सुनवाई करती हैं। इसलिए लगभग 200 दस्तावेजों का अरबी में अनुवाद किया जा रहा है, साथ ही अंग्रेजी प्रतियां भी तैयार की जा रही हैं।

जांच की प्रगति और संपत्ति फ्रीज
अब तक इस मामले में एसटीएफ ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें तीन डायरेक्टर स्तर के लोग भी शामिल हैं। दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की गई। जांच के दौरान 260 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है।

एसटीएफ के अनुसार, यह घोटाला एआई-बेस्ड फॉरेक्स ट्रेडिंग और एमएलएम स्कीम के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित कर उच्च रिटर्न का वादा करके किया गया। अब एजेंसी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए मुख्य आरोपी लविश चौधरी को भारत लाकर न्याय सुनिश्चित करने में जुटी है।