महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार (28 जनवरी) को एक विमान हादसे में निधन हो गया। 66 वर्षीय पवार की अचानक मौत की खबर ने पूरे राज्य और देश में शोक की लहर दौड़ा दी। हादसे के तुरंत बाद केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियां घटनास्थल पर जुट गईं, वहीं विपक्षी नेताओं ने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा, “अहमदाबाद में हुए पिछले विमान हादसों की जांच कहां तक पहुंची? जनता के सामने पूरी सच्चाई आनी चाहिए। अजित पवार जैसे बड़े नेता की मौत केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर गई है। हादसे की वजह स्पष्ट होनी चाहिए—क्या यह तकनीकी खराबी थी, रडार या एयरपोर्ट में कोई कमी थी?”

राउत ने जोर देकर कहा कि संवेदनाएं भेजना पर्याप्त नहीं है, सच्चाई जनता के सामने लाना जरूरी है। उन्होंने सभी चार्टर्ड फ्लाइट दुर्घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि हर बार जांच के परिणाम पारदर्शी रूप से सामने आने चाहिए।

क्रैश विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद

हादसे के अगले दिन गुरुवार को दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर दोनों सुरक्षित मिले हैं। जांच दल में डीजीसीए और फोरेंसिक अधिकारी घटनास्थल पर पूरी जांच कर रहे हैं।

अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब

गुरुवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में राजकीय सम्मान के साथ अजित पवार का अंतिम संस्कार किया गया। उनके दोनों बेटों ने मुखाग्नि दी। इस दौरान समर्थकों का भारी जनसैलाब उमड़ा, जो अपने नेता को अंतिम बार नमन करना चाहते थे। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, नितिन गडकरी सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे।