अमृतसर। मजीठा पुलिस थाना परिसर में हुए विवाद और प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। घटना के बाद दर्ज एफआईआर के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग स्तर पर छापेमारी और जांच में जुटी हुई हैं।

जानकारी के मुताबिक, रविवार को थाना परिसर में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब अकाली दल से जुड़े एक समर्थक की गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पूर्व मंत्री विक्रम मजीठिया भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना शुरू कर दिया गया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के दावे अलग-अलग

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कानून-व्यवस्था में बाधा डालते हुए पुलिस कर्मियों के साथ बहस और धक्का-मुक्की की। वहीं अकाली दल के नेताओं का दावा है कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपने समर्थक के समर्थन में विरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।

घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील बन गया है।

वीडियो फुटेज और साक्ष्यों की जांच

पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इनकी मदद से प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, एफआईआर में नामजद और अज्ञात दोनों प्रकार के व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पूर्व मंत्री विक्रम मजीठिया का नाम केस में शामिल है या नहीं।

कई ठिकानों पर पुलिस की दबिश की चर्चा

सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू स्थित विक्रम मजीठिया के आवास सहित कुछ अन्य संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी है। मजीठा क्षेत्र और चंडीगढ़ में उनके संबंधित ठिकानों पर भी पुलिस टीमों के पहुंचने की बात सामने आई है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

राजनीतिक माहौल गरमाया

घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। अकाली दल ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की विशेष टीमें लगातार जांच और छापेमारी में जुटी हुई हैं।