अमृतसर। पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध सोमवार को अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए। मंत्री नंगे पांव हेरिटेज स्ट्रीट से ‘सतनाम वाहेगुरु’ का जाप करते हुए तख्त तक पहुंचे और माथा टेककर अपने कृत्य के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्हें अकाल तख्त सचिवालय में इस कारण तलब किया गया था कि पांच सिंह साहिबान की ओर से विवादित तस्वीरों के मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया था। पेशी के बाद मंत्री सोंध ने कहा कि वे हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश का सम्मान करेंगे और गुरु घर के समक्ष सिर झुकाना उनका परम कर्तव्य है।
उधर, अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जनवरी को पेश होने के लिए तलब किया है।
सरकार पर कड़ा रुख अपनाने की संभावना
पंजाब के धार्मिक हलकों में 5 जनवरी को होने वाली सिंह साहिबान की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों से जुड़े विवाद पर विस्तार से विचार होगा। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में पंजाब सरकार के कथित दखलअंदाजी पर सख्त रुख अपनाने के संकेत मिल सकते हैं। इसके तहत शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) या अन्य पंथक संगठनों को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने या संयुक्त बैठक बुलाने के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
मंत्री सोंध को अपना पक्ष रखने का अवसर
बैठक में विशेष रूप से मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध की पेशी भी एजेंडे में शामिल है। उन पर आरोप है कि 350वीं शहीदी शताब्दी के अवसर पर गुरु साहिब से जुड़ी आपत्तिजनक होर्डिंग्स लगाई गई थीं। सिंह साहिबान मंत्री को अपना पक्ष रखने का अवसर देंगे और संतोषजनक उत्तर न मिलने पर धार्मिक सजा सुनाने का विकल्प भी उनके पास रहेगा।
इसी दिन चीफ खालसा दीवान के प्रधान डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर को भी पेश होने के लिए बुलाया गया है। उनसे संगठन के अमृतधारी और गैर-अमृतधारी सदस्यों की सूची सौंपने को कहा गया है। पंथक और धार्मिक हलकों में इस बैठक को लेकर खासा उत्साह है और माना जा रहा है कि आज होने वाले फैसले सरकार और पंथक संस्थाओं के संबंधों की दिशा तय कर सकते हैं।