पटियाला के राजपुरा इलाके में रविवार सुबह घनी धुंध के कारण एक गंभीर सड़क हादसा हुआ। चमारू गांव के पास सड़क के बीच एक खराब स्थिति में खड़े कैंटर के चलते पीछे से आ रहे वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में पीआरटीसी बस समेत लगभग पांच से छह वाहन प्रभावित हुए।
हादसे में बस ड्राइवर और लगभग 12 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे पटियाला रेफर किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि टकराव इतना जोरदार था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और मौके पर चीख-पुकार का माहौल बन गया।
कैंटर बनी दुर्घटना की वजह
जानकारी के अनुसार, रात से ही यह कैंटर सड़क के बीच खड़ा था। सुबह दृश्यता कम होने के कारण पीछे से आने वाले वाहन चालकों को यह नजर नहीं आया। पहले कुछ गाड़ियां सीधे कैंटर से टकराईं, इसके बाद पीआरटीसी बस और पीछे से आने वाले अन्य वाहन एक-एक कर भिड़ते गए।
छात्राओं के सपनों पर पड़ी चोट
हादसे में बस में कई छात्राएं सवार थीं, जो क्लर्क परीक्षा देने जा रही थीं। टक्कर और चोटों के कारण कई छात्राओं को मानसिक और शारीरिक नुकसान हुआ, और कुछ की परीक्षा भी छूट गई। छात्राओं ने बताया कि महीनों की मेहनत इस दुर्घटना की वजह से बेकार हो गई।
चिकित्सा और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे। घायलों को राजपुरा सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर घायल को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहनों को हटाकर यातायात बहाल किया।
सवाल खड़े
स्थानीय लोग सड़क पर खड़े खराब वाहनों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर नाराज हैं। प्रशासन और पुलिस को इस बात का जवाब देना होगा कि क्यों ऐसे वाहन हादसों के लिए जिम्मेदार बने रहते हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।