चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में जारी हलचल के बीच भगवंत मान सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की जेड प्लस सुरक्षा वापस ले ली है। इस फैसले के बाद राजनीतिक माहौल और भी गर्मा गया है।

जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह जालंधर स्थित हरभजन सिंह के आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब की राजनीति में टूट और दल-बदल को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हैं।

हालांकि, कुछ ही समय बाद केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए हरभजन सिंह को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध करा दी है। इससे पहले भी राजनीतिक हालात के चलते कुछ अन्य नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया था।

सूत्रों का कहना है कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और दल-बदल की अटकलों के बीच यह फैसला लिया गया है। इसी बीच राघव चड्ढा के एक बयान के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि आम आदमी पार्टी के कुछ राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं, जिनमें हरभजन सिंह का नाम भी जोड़ा गया था। हालांकि, हरभजन सिंह ने इस पूरे मामले पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि केवल कुछ ही सांसदों ने पार्टी छोड़ी है और बाकी सभी पार्टी के साथ हैं।

इधर, इस पूरे घटनाक्रम का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिला है। जालंधर, लुधियाना और फगवाड़ा में कुछ नेताओं के आवासों के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए, जहां नारेबाजी और दीवारों पर लिखे गए संदेशों से माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

राजनीतिक हलचल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा है। माना जा रहा है कि वे इस मुद्दे को लेकर संवैधानिक कार्रवाई की मांग कर सकते हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह उपराष्ट्रपति से मुलाकात कर मामले को उठाने की तैयारी में हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक नए मोड़ पर ला दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह स्थिति और गहराती है, तो इसका सीधा असर पार्टी संगठन और चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।