बीकानेर में एक ठेकेदार बजरी खान की गहराई नापने उसके अंदर चला गया। तीन खानों की गहराई नाप भी ली लेकिन चौथी खान में बजरी में दब गया। उसे निकालने के लिए रात ग्यारह बजे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा लेकिन सुबह उसका शव ही मिला। मामला पलाना गांव से दूर जांगलू-जेगला रोड का है।

जानकारी के अनुसार पलाना गांव से पांच किमी दूर जांगलू-जेगला रोड पर सोनिया प्याऊ के पास कृषि भूमि पर बजरी खनन की लीज लेने के लिए बजरी की जांच की जा रही थी। इस दौरान ठेके लेने का काम करने वाला लक्ष्मण खान में उतर गया। उसने एक के बाद एक करके तीन खान तो चैक कर ली लेकिन चौथी खान में गया तो वहां खान धसक गई। वो बजरी की खान में दब गया। करीब 42 फीट गहरे गड्‌ढ़े में दबने के कारण उसके साथ निकाल नहीं पाए।

बाद में आसपास भारत माला प्रोजेक्ट के पास चल रही मशीनरी को मौके पर भेजकर निकालने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। देर रात ग्यारह बजे तक भी पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद सुबह फिर खुदाई की गई तो लक्ष्मण का शव मिला। वो पूरी तरह बजरी में दब चुका था, जहां से वो खुद को बाहर नहीं निकल सका।

काफी प्रयास हुआ लेकिन काम न आई
दबे व्यक्ति को निकालने के लिए पहले तो बाल्टियों से बजरी निकालकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब साढ़े पांच घंटे बाद पुलिस ने बीकानेर से पोकलेन मशीन मंगवाई है। इसके पहुंचने के बाद गड्‌ढ़े के आसपास खुदाई करके दबे व्यक्ति काे निकालने के प्रयास किए गए। हालांकि इसके बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।