दिल्ली में हुई राजस्थान के भाजपा सांसदों की बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने केंद्र की सत्ता और प्रदेश संगठन में तालमेल के साथ पार्टी में एकजुटता बढ़ाने का संदेश दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने सांसदों से कहा कि संसद सत्र के बाद सभी सांसद राजस्थान में मोदी सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार आम लोगों के बीच करें। वहीं, गहलोत सरकार के नाकामियों और घोटालों के लेकर सड़कों पर उतरें। सभी सांसद 15 दिन का कार्यक्रम बनाकर मंडल और जिलेवार कार्यक्रताओं की बैठक करें।
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार के कुशासन के खिलाफ प्रदेशभर में चल रहे धरने-प्रदर्शन और आंदोलनों को लगातार मुखर करने के भी निर्देश दिए। वहीं उन्होंने सांसदों से कहा कि राज्य में बढ़ते अपराध, बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था, सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी, भ्रष्टाचार, लंबित भर्तियां, दलित-आदिवासी महिलाओं के उत्पीड़न सहित मुद्दों पर बूथ, मंडल और जिला स्तर पर आंदोलन के लिए रणनीति तैयार करें। इसमें सांसद अपने संसदीय क्षेत्रों के पार्टी के विधायकों को भी साथ ले कर भविष्य के बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर राज्य सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरें।
सांसदों की बैठक में नड्डा ने प्रदेश में पार्टी की संगठनात्मक मजबूती के लिए सशक्त मंडल, सक्रिय बूथ समितियों के गठन व पन्ना इकाइयों की मजबूती पर विशेष जोर दिया। नड्डा ने सांसदों को खासतौर से कहा कि सांसद निधि का उपयोग सुनियोजित तरीके से करें और पन्ना प्रमुख, बूथ लेवल और मंडल लेवल कमिटी का खास ख्याल रखा जाए। साथ ही सशक्त मंडल अभियान चलाकर पन्ना प्रमुख की भूमिका मजबूत करने पर जोर दिया।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने मोदी सरकार की योजनाओं के प्रदेश में बेहतर प्रचार-प्रसार की रूपरेखा, सेवा ही संगठन के कार्यों, संगठनात्मक विषयों व आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी। दोनों सदनों के सांसदों की इस बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठोड़ सहित पूर्व सीएम व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव, सह प्रभारी भारती बैन, राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर विशेष रूप से मौजूद