धोरों की धरती में चंदन की लकड़ी पर कला का अद्भुत संसार रचकर उसकी सुगंध को देश-विदेश में महकाने वाले चूरू के चंदन के चितेरे एक बार फिर चर्चा में है. पीढ़ी दर पीढ़ी कई राष्ट्रपति पुरस्कार जीतकर चूरू जनपद का नाम रोशन करने वाले इस परिवार ने चंदन शिल्पकारी में नये आयाम स्थापित किये हैं.
हाल ही में भारत के दौरे पर आये जापान के प्रधानमंत्री भी इनकी कारीगरी से प्रभावित नजर आये. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चूरू के पवन जांगिड़ द्वारा बनायी कृष्ण मोर पंखी जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा को भेंट की. उसके बाद एक बार फिर चूरू का यह परिवार चर्चा में आ गया है. इस परिवार के 10 सदस्य राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं और इस बार 11वां राष्ट्रपति पुरस्कार मिलेगा।
चूरू जिला मुख्यालय स्थित सैनिक बस्ती में चंदन की लकड़ी पर महीन कारीगरी का काम 70 के दशक में मालचन्द जांगिड द्वारा शुरू किया गया था. कला की इस परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार द्वारा आज भी आगे बढ़ाने का काम जारी है. इस परिवार को अब तक इनके द्वारा बनायी गयी कलाकृतियों पर कई बार राष्ट्रपति अवार्ड और राज्य अवार्ड मिल चुके हैं.
इस कामयाबी के लिए इस परिवार का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस में भी दर्ज किया जा चुका है. अप्रेल 2022 के बाद आने वाले विदेशी मेहमानों को भी चूरू के चितेरों की कलाकृतियां भेंट स्वरूप दिये जाने की योजना है.