तीसरी लहर की चेतावनी के बीच देश के विभिन्न राज्यों ने फिर से स्कूल खोलने का फैसला किया है। बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में भी स्कूलों को खोलने का निर्णय किया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 2 अगस्त से स्कूल खोलने का निर्णय लिया है।
बैठक के बाद शिक्षा मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने पत्रकारों को बताया कि कोरोना काल में बच्चों के लिए बंद चल रहे स्कूल, कॉलेज और कोचिंग दो अगस्त से खोलने का निर्णय लिया है। कक्षा एक से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खोलने पर सरकार ने मुहर लगा दी है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की बैठक में स्कूल, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया गया। कोचिंग और कॉलेज खोलने की तारीख बाद में तय होगी।
कोराना की दूसरी लहर के बाद से मार्च से ही स्कूल, कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए बंद हैं। मंत्रिपरिषद की बैठक में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में कक्षाएं शुरू करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्रिपरिषद ने स्कूल, कॉलेज खोलने पर एक्सपटर् की राय जानी। कोरोना कोर ग्रुप के एक्सपट्र्स ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया। मंत्रिपरिषद में यह सहमति बनी कि कोविड प्रोटोकॉल की पालना और सभी सावधानियों को बरतते हुए शिक्षण संस्थाओं को खोला जाए।
डोटासरा ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। चिकित्सा विशेषज्ञों ने राय दी है कि छोटे बच्चों को खतरा नहीं है। कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा। आगे कोई दिक्कत आएगी, तो देख लिया जाएगा। पर एक बार सभी कक्षाओं के बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में और गरीब परिवारों के बच्चे ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था नहीं कर पाते, इसलिए स्कूल खोलना जरूरी है।