उदयपुर के मेवल इलाके में देर रात लोगों पर हमला करने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। इसके बाद स्थानीय लोगों और वन विभाग ने राहत की सांस ली है। दरअसल, तेंदूए के आतंक से गिंगला थाना क्षेत्र में लोगों में दहशत थी। इससे लोग खेतों में भी जाने से कतरा रहे थे। तेंदुआ खेत पर काम कर रहे किसानों पर ही हमला कर रहा था। इसमें वह दो महिलाओं और दो युवकों को घायल कर चुका था। इसके बाद वन विभाग ने हरकत में आते हुए बुधवार शाम को 5 पिंजरे, 2 ट्रैप कैमरे और क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेंद्र सिंह शेखावत समेत दस कार्मिक रात दिन लगे तब जाकर तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ।

मेवल क्षेत्र के लोग पिंजरे में तेंदूए के आने के बाद राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि आतंक मचाने वाला तेंदूआ जंगल मे विचरण करता हुआ आ रहा था कि पिंजरे में बकरे का शिकार करने के फेर में खुद शिकार बन गया। मेवल इलाके में पिछले 25 दिनों में चार लोगों पर तेंदुआ हमला कर घायल कर चुका है।

हमले ऐसे की कुएं में कूदकर बचानी पड़ी जान
22 फरवरी को गिंगला में एक बुजुर्ग किसान भेरा पिता नाथू पटेल पर हमला किया था ,इससे पूर्व उथरदा गांव के उमरदेवी इलाके में किसान कालू पिता सवा मीणा खेत पर रखवाली कर रहा था। तब तकरीबन 1 बजे के आसपास तेंदुआ उसकी और लपका जहां उसने कुएं में उतरकर पाइप के सहारे लटक कर जान बचाई। बात अगर गत बीते 25 दिन की करे तो वांसा में भी खेत मे फसलों को पिलाई कर रही रेखा पिता शंकर मीणा नाम की किशोरी पर तेंदूए ने हमला किया। तकरीबन 20 मीटर तक उसको गले में दबाकर घसीट रहा था, बाद में लोगों के आने से वह भागा। वहीं फरवरी के पहले सप्ताह की बात करें तो गुडेल में कैलाश कुंवर/ गौतम सिंह नाम की महिला पर पैंथर लपका जिसके शरीर को आठ से दस जगह नोंच दिया था।