अपनी तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय यात्रा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान स्पष्ट रूप से देखा गया कि कानून-व्यवस्था और Ease of Doing Business पर प्रधानमंत्री मोदी का जोर अब परिणाम दे रहा है।
ग्रीन हाइड्रोजन और जापानी निवेश
यात्रा के दौरान यूपी सरकार और यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर महत्वपूर्ण समझौता हुआ। यामानाशी के गवर्नर आगामी अगस्त में 200 जापानी सीईओ के प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तर प्रदेश आएंगे। सिंगापुर से भी एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन निवेश के लिए यूपी में आने को तैयार है। सीएम ने बताया कि इन निवेश प्रस्तावों के लागू होने से लगभग पांच लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।
तीन बड़े निवेश रोड शो हुए – सिंगापुर, टोक्यो और यामानाशी में। इन कार्यक्रमों में लगभग 500 निवेशक, उद्योगपति और वित्तीय संस्थानों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने यूपी में निवेश के अवसरों पर उत्साह जताया।
हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन तकनीक का अनुभव
यामानाशी में प्रतिनिधिमंडल ने ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया और सुपर हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन का अनुभव किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ट्रेन लगभग 500 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलती है और आधुनिक परिवहन तकनीक का अद्भुत उदाहरण पेश करती है।
औद्योगिक और तकनीकी साझेदारी
जापान दौरे के दौरान 90000 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में 500 एकड़ में जापान सिटी विकसित की जाएगी। जापान से तकनीक हस्तांतरण, कौशल विकास, संयुक्त उपक्रम और सप्लाई चेन एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन और सांस्कृतिक साझेदारी
यूपी और जापान के बीच बौद्ध सर्किट और रामायण सर्किट को जोड़कर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे दोनों देशों के निवासियों के बीच संबंध मजबूत होंगे और निवेश के नए अवसर भी खुलेंगे।
सिंगापुर में बड़े निवेश समझौते
सिंगापुर में रोड शो के दौरान टीम यूपी ने एमआरओ, कार्गो हब, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, स्किलिंग और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति बनाई। सीएम ने सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपप्रधानमंत्री से मुलाकात की। नोएडा स्थित जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को कार्गो हब के रूप में विकसित करने पर भी बातचीत हुई।