लखीमपुर खीरी: भारत-नेपाल सीमा से सटे पलियाकलां क्षेत्र के चंदनचौकी में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और अधिकारों से जुड़ी कई बड़ी सौगातें दीं। इस दौरान दशकों से जमीन पर रह रहे थारू जनजाति के हजारों परिवारों को पहली बार उसका मालिकाना हक सौंपा गया।
सरकार की ओर से पलिया तहसील के 34 गांवों के 4356 थारू परिवारों को करीब 538 हेक्टेयर जमीन के स्वामित्व पत्र वितरित किए गए। वर्ष 1976 से ये परिवार इस जमीन का उपयोग तो कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें आधिकारिक रूप से मालिकाना अधिकार मिल गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा शासन वही होता है, जिसमें जनता का हित सर्वोपरि हो। उन्होंने बिना भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही और पिछली सरकारों पर संवेदनहीनता और परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने लंबे समय से वंचित लोगों को उनके अधिकार दिलाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पहले प्रदेश में लोगों को पहचान और सुरक्षा का संकट झेलना पड़ता था, लेकिन अब हालात बदले हैं और विकास कार्यों ने नई दिशा दी है। उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार’ की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि अब लोगों के सपनों को साकार किया जा रहा है।
इस दौरे को लेकर मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि लखीमपुर खीरी में थारू परिवारों के साथ-साथ अन्य जरूरतमंदों को भी भूमि अधिकार, आवास और विकास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
बताया गया कि कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भी भूमि अधिकार पत्र वितरित किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों को उनके घरों की चाबियां सौंपी गईं। साथ ही सैकड़ों विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर क्षेत्र के विकास को गति देने का दावा किया गया।