आंखोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के राजीखेड़ा गांव में सोमवार दोपहर एक भयावह घटना घटी, जिसमें संजीव (56) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या में उनके छोटे भाई ब्रजकिशोर, ब्रजकिशोर के बेटे अर्पित और अपूर्व, तथा उनकी पत्नी सपना मुख्य आरोपियों के रूप में शामिल हैं। पुलिस ने दंपती और दोनों बेटों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मां की पेंशन को लेकर बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार, इस हत्या का पीछे का कारण मां की पेंशन और परिवार में रहने को लेकर चल रही रंजिश बताई जा रही है। मृतक संजीव अपने बड़े परिवार में अकेले नहीं रहते थे, उनके पीछे एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है जबकि बेटा गुरुग्राम में निजी कंपनी में कार्यरत है।
हत्याकांड कैसे हुआ
आरोपियों के परिवार के अनुसार, संजीव सोमवार दोपहर करीब दो बजे घर के सामने खाली पड़ी जमीन पर बंधे पशु खोलने गए थे। इसी बीच ब्रजकिशोर अपने दोनों बेटों के साथ वहां आया और गाली-गलौज के दौरान मारपीट शुरू हो गई। बहस के दौरान ब्रजकिशोर ने गोली चला दी, जिससे संजीव मौके पर ही मौत हो गए। घटना के बाद आरोपी पत्नी और बेटे गांव से फरार हो गए।
परिवार और जमीन के विवाद ने बढ़ाई तनातनी
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक और उसके छोटे भाई के बीच मां की पेंशन और उनके साथ रहने को लेकर लंबे समय से विवाद था। ब्रजकिशोर और उसके परिवार का व्यवहार मां के साथ ठीक नहीं माना जाता था, जिसके कारण मां आठ साल से अपने भाई के साथ नहीं रह रही थीं।
पेंशन और पुश्तैनी संपत्ति पर नजर
मृतक की मां ओमवती देवी को लगभग 20 हजार रुपये पेंशन मिलती थी। ब्रजकिशोर और उसके परिवार ने इस पेंशन पर नजर बनाए रखी। इसके अलावा तीनों भाइयों में पुश्तैनी जमीन भी बराबर बंटी हुई थी। इसी पुरानी रंजिश के कारण विवाद बढ़ा और हत्या जैसी भयावह वारदात को जन्म मिला।
एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।