लखनऊ: ईरान में जारी युद्ध के कारण खाद्य तेल का आयात प्रभावित होने से बाजार में महंगाई बढ़ गई है। थोक बाजार में सरसों के तेल की कीमत में 30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिफाइंड तेल में 30 रुपये और पाम ऑयल में 15 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। व्यापारी बताते हैं कि तेल का पर्याप्त स्टॉक न होने के कारण कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

बाजार में कीमतें और शॉर्टेज

पांडेयगंज और यहियागंज के बड़े किराना व्यवसायियों ने बताया कि थोक बाजार में 130 रुपये प्रति लीटर वाला सरसों तेल अब 160 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। 140 रुपये का सोया रिफाइंड तेल 170 रुपये और 140 रुपये का पाम ऑयल 155 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

कृषि विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि सरसों की नई फसल तैयार हो गई है और कुछ जगह कटाई भी शुरू हो गई है, फिर भी कीमतों का तेजी से बढ़ना चिंता का विषय है।

फुटकर व्यापारी संतोष गुप्ता ने बताया कि होली तक स्थिर रहे दाम अब बढ़ने लगे हैं। इससे न केवल महंगाई बढ़ी है, बल्कि बाजार में खाद्य तेल की कमी भी महसूस की जा रही है।

एफएसडीए की कार्रवाई और सील रखे गए तेल

खाद्य सुरक्षा और मानक विभाग (FSSAI) ने 23 फरवरी से 26 फरवरी तक प्रदेश भर में खाद्य तेल की गुणवत्ता जांच अभियान चलाया। इस दौरान अकेले लखनऊ में 2 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का तेल सील किया गया।

एक व्यापारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि एफएसडीए टीम ने बड़े पैमाने पर तेल के नमूने लेकर सील कर दिए हैं। अब हजारों टिन तेल गोदामों में पड़े हैं। जांच पूरी न होने और रिपोर्ट न आने की वजह से यह तेल अभी बाजार में नहीं आ सका, जिससे शॉर्टेज बढ़ी है।

14 दिन बीतने के बाद भी रिपोर्ट नहीं

अधिकारियों के अनुसार, नमूनों की जांच और रिपोर्ट 14 दिन में पूरी होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक कोई रिपोर्ट जारी नहीं हुई है। सूत्रों का कहना है कि सरकारी लैब में नमूने संग्रहित हैं, लेकिन अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे कि आगे क्या कार्रवाई होगी।

कुछ सूत्रों का अनुमान है कि निजी लैब से जांच कराने की तैयारी है, जिसके कारण संभावित सौदेबाजी की आशंका भी जताई जा रही है। इस मामले पर खाद्य विभाग के अधिकारी फिलहाल कोई टिप्पणी देने से बच रहे हैं।