उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए मई महीने में थोड़ी राहत की खबर है। राज्य में ईंधन अधिभार शुल्क (फ्यूल सरचार्ज) में 1.52 प्रतिशत की कमी की गई है, जिससे बिजली बिल में भी उतनी ही कमी देखने को मिलेगी। इस फैसले से प्रदेश के उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर लगभग 118 करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि फरवरी माह में उपभोक्ताओं से औसत बिलिंग दर के आधार पर करीब 10 प्रतिशत अधिक वसूली की गई थी, जिसके खिलाफ परिषद लगातार आवाज उठा रही है। उनका कहना है कि बिजली कंपनियों के पास उपभोक्ताओं का 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक का सरप्लस बकाया है।
परिषद की मांग है कि इस अतिरिक्त राशि का उपयोग उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए किया जाए। यदि भविष्य में किसी माह ईंधन अधिभार बढ़ाने की स्थिति बनती है, तो उसका बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर डालने के बजाय इसी सरप्लस फंड से समायोजित किया जाना चाहिए।