आगरा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल के उद्घाटन अवसर पर स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्र में कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की घोषणा की। उनका कहना था कि प्रदेशवासियों को किफायती इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे के पास 350 एकड़ भूमि पर मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित किया जाएगा। यह पार्क शहर से केवल एक घंटे की दूरी पर होगा। यहां आधुनिक चिकित्सा उपकरण और मशीनरी का उत्पादन होगा, जिससे अस्पतालों को कम लागत पर उपकरण मिल सकेंगे और जांच व सर्जरी सस्ती होंगी।

इसके अलावा, ललितपुर में 1500 एकड़ भूमि पर फार्मा पार्क बनाया जा रहा है, जहां दवाइयों का उत्पादन किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को आवश्यक दवाइयां सस्ती दरों पर मिल सकेंगी और बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम होगी।

सीएम योगी ने बिना किसी का नाम लिए पिछली सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया योजना चलती थी, लेकिन अब वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 81 हो चुके हैं। रायबरेली और गोरखपुर में एम्स भी चालू हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के दौरान एम्स की संख्या 23 तक पहुंच गई है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि हाईवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें और आधुनिक तकनीक वाले कोच तैयार किए जा रहे हैं। वंदे भारत, नमो भारत सहित कई आधुनिक ट्रेनें सेवा में हैं। आईआईटी, आईएएम, एनआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे तकनीकी संस्थान भी बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले इलाज के लिए लोग कर्ज में डूब जाते थे, लेकिन आयुष्मान भारत योजना से अब गरीबों को निशुल्क इलाज उपलब्ध है। प्रदेश में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जो जल्द ही 10 करोड़ तक पहुंचने वाले हैं। बजट में अनुदेशक, आशा, शिक्षामित्र सहित 10 लाख लोगों को योजना में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपये लोगों की मदद में खर्च किए गए हैं। हर जिले में निशुल्क डायलिसिस और सीटी-स्कैन की सुविधा उपलब्ध है।

योगी ने यह भी बताया कि पूर्वी यूपी में एंसेफलाइटिस से बीते 40 वर्षों में लगभग 50 हजार मौतें हुई थीं, जिन्हें अब पूरी तरह समाप्त किया जा चुका है। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार के नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार के साथ साझा कार्यक्रम चल रहे हैं।

पीपीपी मॉडल से सुपर स्पेशियलिटी सेंटर

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार की अपनी सीमाएं हैं, इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पीपीपी (Public Private Partnership) मॉडल अपनाया जाएगा। इस मॉडल के तहत जरूरतमंद जिलों में निजी संस्थान मेडिकल कॉलेज और सुपर स्पेशियलिटी सेंटर खोल सकते हैं, जिसमें सरकार सहयोग करेगी। उन्होंने यथार्थ ग्रुप से भी मेडिकल कॉलेज खोलने का आग्रह किया और कहा कि इससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।